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देश के मौसम का बदलता रूप: पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट, तो दक्षिण में गर्मी की आहट

देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम बिलकुल जुदा रंग दिखा रहा है। जहाँ एक तरफ पूर्वोत्तर भारत, विशेषकर गुवाहाटी में मूसलाधार बारिश ने प्रशासन और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण के राज्यों में ठंड की विदाई के साथ तापमान चढ़ने लगा है। भारतीय मौसम विभाग ने इन दोनों ही क्षेत्रों के लिए अलग-अलग पूर्वानुमान जारी किए हैं।

गुवाहाटी में अगले तीन दिन भारी, प्रशासन मुस्तैद

असम की राजधानी गुवाहाटी और उसके आसपास के इलाकों के लिए आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों तक शहर में बादल छाए रहेंगे और कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इस चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) ने आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह सतर्क कर दिया है।

मौसम के इस पैटर्न को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि गरज के साथ होने वाली बौछारों से शहर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा सकती है। सबसे बड़ी चिंता उन संवेदनशील इलाकों को लेकर है जहाँ भूस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है। प्रशासन ने साफ किया है कि वे स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

पुरानी त्रासदियों से सबक और एहतियात

बीते कुछ दिनों में हुई बारिश और उससे हुए नुकसान को देखते हुए प्रशासन कोई कोताही नहीं बरतना चाहता। ASDMA ने आम नागरिकों, विशेषकर पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ या भूस्खलन के किसी भी संकेत को नजरअंदाज न करें। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने घरों में दवाइयां, मोमबत्ती और राशन जैसी जरूरी चीजों का पर्याप्त स्टॉक रखें। दैनिक यात्रियों और लंबी दूरी का सफर करने वालों से भी अनुरोध किया गया है कि यदि बहुत जरूरी न हो, तो यात्रा टाल दें।

आंकड़ों पर गौर करें तो स्थिति की गंभीरता समझ आती है। इस साल मानसून के पहले दौर और मई के आखिरी हफ्ते में हुई बारिश ने राज्य के 21 जिलों में तबाही मचाई थी, जिससे लगभग 6.79 लाख लोग प्रभावित हुए थे। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 28 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर अपडेट जारी किए जा रहे हैं।

तेलुगु राज्यों में करवट लेता मौसम

पूर्वोत्तर के विपरीत, देश के दक्षिणी हिस्से यानी आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में मौसम तेजी से शुष्क होता जा रहा है। यहाँ ठंड का जोर लगभग खत्म हो चुका है और दिन के वक्त सूरज के तेवर तीखे होने लगे हैं। अब ठंड का अहसास केवल सुबह के वक्त ही हो रहा है, जबकि दिन चढ़ते ही गर्मी बढ़ने लगी है।

अमरावती और हैदराबाद मौसम केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, हवाओं का रुख बदलने के कारण अगले कुछ दिनों तक यहाँ बारिश के आसार नहीं हैं। आंध्र प्रदेश और यनम के निचले वायुमंडल में उत्तर-पूर्वी और पूर्वी हवाएं चल रही हैं। इसके चलते उत्तरी तटीय आंध्र, यनम और दक्षिण तटीय आंध्र में अगले तीन दिनों (गुरुवार से शनिवार) तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, तटीय आंध्र और रायलसीमा के इक्का-दुक्का स्थानों पर सुबह के समय कोहरा छाया रह सकता है, लेकिन दिन में धूप खिली रहेगी।

तेलंगाना में भी कमोबेश यही हाल है। हैदराबाद मौसम केंद्र के अनुसार, राज्य में दक्षिण-पूर्वी हवाओं का प्रभाव है, जिससे गुरुवार से शनिवार तक मौसम शुष्क रहेगा। अगले पांच दिनों तक आंध्र प्रदेश और तेलंगाना, दोनों ही राज्यों में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, जिससे यह साफ है कि अब धीरे-धीरे गर्मी अपना असर दिखाना शुरू कर देगी।