भारतीय क्रिकेट की नई और पुरानी पीढ़ी का दबदबा: अंडर-19 टीम का दक्षिण अफ्रीका में सूपड़ा साफ और बुमराह की दिलचस्प कहानी
भारत की नई पीढ़ी के क्रिकेटर मैदान पर किस तरह का तहलका मचा रहे हैं, इसका ताजा उदाहरण हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में देखने को मिला। विलोमूर पार्क, बेनोनी में खेले गए तीसरे यूथ वनडे मैच में भारतीय अंडर-19 टीम ने मेजबान दक्षिण अफ्रीका को 233 रनों के विशाल अंतर से रौंद कर तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने अपनी आक्रामक खेल शैली से इस फैसले को पूरी तरह गलत साबित कर दिया।
आरोन और वैभव के शतकों से खड़ा हुआ रनों का पहाड़ पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट पर 393 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस बड़े स्कोर की नींव आरोन जॉर्ज और कप्तान वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारियों ने रखी। आरोन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 106 गेंदों में 16 चौकों की मदद से 118 रन बनाए। दूसरी तरफ कप्तान वैभव ने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की जमकर क्लास लगाई और मात्र 74 गेंदों पर 171.62 के स्ट्राइक रेट से 127 रन ठोक डाले। उनकी इस विस्फोटक पारी में 9 चौके और 10 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। मध्यक्रम में वेदांत त्रिवेदी ने 34 और अभिज्ञान कुंडू ने 21 रनों का अहम योगदान दिया। अंत के ओवरों में मोहम्मद एनान ने 19 गेंदों में 28 रन और हेनिल पटेल ने 19 रन बनाकर टीम को 390 के पार पहुंचाया। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से जेसन राउल्स ने 2 विकेट लिए, जबकि एनटांडो सोनी और माइकल क्रुइस्कैम्प को एक-एक सफलता मिली।
दबाव में बिखरी दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी अंडर-19 टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्कोरबोर्ड पर महज 14 रन ही जुड़े थे कि टीम ने अपने 4 प्रमुख विकेट गंवा दिए। शीर्ष क्रम के लड़खड़ाने के बाद कोई भी बल्लेबाज लंबी पारी नहीं खेल सका। पॉल जेम्स ने 41, डेनियल बोसमैन ने 40 और कॉर्न बोथा ने 39 गेंदों में नाबाद 36 रन बनाकर संघर्ष करने की कोशिश जरूर की, लेकिन पूरी टीम 160 रनों पर ही सिमट गई। भारत की तरफ से किशन कुमार सिंह ने सबसे सफल गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट चटकाए, वहीं मोहम्मद एनान ने 2 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। दिलचस्प बात यह रही कि शतकवीर कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने भी गेंद से कमाल दिखाते हुए दक्षिण अफ्रीका का आखिरी विकेट लिया और अपनी टीम की 233 रनों की जीत पक्की की।
युवा प्रतिभा से लेकर विश्व स्तरीय गेंदबाज तक का सफर आज जहां अंडर-19 टीम के युवा अपनी रफ्तार और कौशल से दुनिया को हैरान कर रहे हैं, वहीं कभी जसप्रीत बुमराह ने भी महज 16 साल की उम्र में दिग्गजों के मन में कुछ ऐसा ही खौफ पैदा किया था। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह ने हाल ही में माइकल वॉन के यूट्यूब चैनल ‘ओवरलैप क्रिकेट’ पर दिए गए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अपने सफर और बुमराह के शुरुआती दिनों के बारे में खुलकर बात की। बुमराह को वर्तमान का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज बताते हुए युवराज ने 2013 का एक बेहद रोचक वाकया साझा किया। उस वक्त युवराज कैंसर से उबरने के बाद क्रिकेट में वापसी की जद्दोजहद कर रहे थे। नेट्स पर अभ्यास के दौरान 16 वर्षीय बुमराह उन्हें इतनी तेज और घातक गेंदबाजी कर रहे थे कि युवराज को उन्हें रोकने के लिए कहना पड़ गया। युवराज ने बताया कि बुमराह का रन-अप काफी लंबा था और शायद उस वक्त उनके पास आज जैसी विविधता नहीं थी, लेकिन उनकी गति और उछाल से भरी गेंदें सीधे पसलियों पर प्रहार कर रही थीं।
आधुनिक क्रिकेट में बुमराह की बादशाहत वही युवा बुमराह आज क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में अपने शानदार प्रदर्शन से दुनिया भर के बल्लेबाजों के लिए खौफ का दूसरा नाम बन चुके हैं। उनके आंकड़े इस बात की स्पष्ट गवाही देते हैं। टेस्ट क्रिकेट में लगभग 20 की बेहतरीन औसत से वह 234 विकेट ले चुके हैं, जो विदेशी पिचों पर उनके दबदबे को प्रमाणित करता है। वनडे में भी 5 से कम की इकॉनमी रेट के साथ 149 विकेट उनके नाम दर्ज हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय में डेथ ओवरों के विशेषज्ञ माने जाने वाले बुमराह ने 6.5 से 7 की इकॉनमी के साथ 121 विकेट चटकाए हैं। इसके अतिरिक्त, आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए उन्होंने 183 विकेट हासिल किए हैं। अपनी सटीकता, घातक यॉर्कर और दबाव के क्षणों में भी शांत रहने की क्षमता के कारण बुमराह आज के समय के सबसे बड़े मैच विनर माने जाते हैं। अंडर-19 के खिलाड़ियों का आज का शानदार प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है और आगे भी देश को ऐसे ही बेहतरीन खिलाड़ी मिलते रहेंगे।




