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वैभव सूर्यवंशी का तूफान: अंडर-19 से लेकर आईपीएल तक बरपाया कहर, राजस्थान रॉयल्स की ऐतिहासिक जीत

क्रिकेट के मैदान पर इन दिनों एक ही नाम गूंज रहा है, और वह है वैभव सूर्यवंशी। इस युवा सनसनी ने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से न सिर्फ अंडर-19 स्तर पर बल्कि आईपीएल जैसे क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर भी गहरी छाप छोड़ी है। हाल ही में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यूथ वनडे में अपना जलवा बिखेरा और इसके तुरंत बाद राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ एक धमाकेदार पारी खेलकर अपना जन्मदिन बेहद यादगार बना दिया। दोनों ही मुकाबलों में उनके बल्ले की गूंज ने विरोधी टीमों को पस्त कर दिया।

अंडर-19 सीरीज: दक्षिण अफ्रीका पर भारत का दबदबा

भारत और दक्षिण अफ्रीका की अंडर-19 टीमों के बीच खेली जा रही यूथ वनडे सीरीज में टीम इंडिया का शानदार प्रदर्शन जारी है। सीरीज का पहला मैच भारत ने 25 रनों से जीता था। इसके बाद बेनोनी के विलोमूरे पार्क में खेले गए दूसरे मुकाबले में भी भारतीय टीम ने आठ विकेट से दमदार जीत दर्ज की। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.3 ओवर में 245 रन बनाए थे। हालांकि, बारिश के कारण मैच में खलल पड़ा और डकवर्थ-लुईस नियम के तहत भारतीय टीम को 27 ओवर में 175 रनों का नया लक्ष्य दिया गया।

कप्तान वैभव सूर्यवंशी की अगुवाई में टीम इंडिया ने इस लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लिया। सबकी निगाहें कप्तान वैभव पर थीं, और उन्होंने निराश नहीं किया। अपनी तूफानी फॉर्म का मुजाहिरा करते हुए वैभव ने मात्र 24 गेंदों में 68 रन ठोक डाले। उनके अलावा अभिज्ञान कुंडु ने 42 गेंदों में 48 रन और वेदांत त्रिवेदी ने 31 रनों की अहम पारी खेली। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की स्थिति लगातार मजबूत रही। 17 ओवर का खेल खत्म होने तक टीम का स्कोर दो विकेट पर 136 रन था, जहां वेदांत 20 और कुंडु 21 रन बनाकर डटे हुए थे। 21वें ओवर तक टीम 154 रन बना चुकी थी और अंततः 23.3 ओवर में 176 रन बनाकर भारत ने आसानी से मैच जीत लिया।

इस मैच में भारतीय टीम की कमान वैभव के हाथों में थी, जबकि उनका साथ आरोन जॉर्ज, हरवंश पंगालिया, वेदांत त्रिवेदी, विकेटकीपर अभिज्ञान कुंडू, आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलान पटेल, किशन कुमार, दीपेश देवेंद्रन और मोहम्मद एनान ने दिया। वहीं, मुहम्मद बुलबुलिया की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका की ओर से जोरिच वान शल्कविक, अदनान लागाडियन, जेसन राउल्स, अरमान मनैक, लेथाबो फाहलामोहलाका, एनाथी किट्सिनी, डेनियल बोसमैन, जेजे बैसन, बयांदा माजोला और माइकल क्रुइस्कैंप मैदान में उतरे थे।

चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ राजस्थान का एकतरफा प्रदर्शन

वैभव का यह शानदार फॉर्म आईपीएल में भी जारी रहा, जहां राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया। चेन्नई के लिए यह शुरुआती मैच किसी बुरे सपने से कम नहीं था। टॉस हारने के बाद से ही कुछ भी उनके पक्ष में नहीं गया। उनके मध्यक्रम के अनुभवहीन बल्लेबाजों ने जल्दी घुटने टेक दिए, और जेमी ओवरटन को छोड़कर कोई भी खिलाड़ी क्रीज पर टिक नहीं सका। चेन्नई की गेंदबाजी में धार नजर नहीं आई और फील्डिंग का स्तर भी औसत से नीचे रहा।

दूसरी ओर, राजस्थान रॉयल्स के लिए यह एक परफेक्‍ट मैच साबित हुआ। उनके गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ से मैच की दिशा तय की। इसके बाद, लक्ष्य का पीछा करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपना आक्रामक रूप दिखाया। उन्होंने अपने बेहतरीन स्ट्रोक्स से दर्शकों को रोमांचित कर दिया और चेन्नई के गेंदबाजों की जमकर खबर ली।

मैच के हीरो और कप्तानों की प्रतिक्रियाएं

‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहे तेज गेंदबाज नांद्रे बर्गर ने अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर को दिया। उन्होंने कहा कि टीम को अच्छी शुरुआत दिलाना एक शानदार अहसास है। पिछले कुछ मैचों में बड़े स्कोर बनते देख टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करने के लिए तैयार थी, लेकिन टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करना उनके लिए फायदेमंद रहा। संजू सैमसन का विकेट लेने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कोई सोची-समझी गेंद नहीं थी, बल्कि एक स्वाभाविक विविधता (natural variation) थी। ड्रेसिंग रूम के माहौल पर उन्होंने कहा कि नए कोच और कप्तान के बावजूद ऊर्जा बेहद सकारात्मक है।

राजस्थान के पूर्णकालिक कप्तान रियान पराग इस जीत से काफी संतुष्ट नजर आए। उन्होंने बताया कि टॉस जीतना उनके लिए भाग्यशाली रहा, खासकर लाल मिट्टी की पिच पर जहां बारिश के कारण नमी का असर होना तय था। अपनी कप्तानी को लेकर पराग ने कहा कि इस साल उनका मुख्य लक्ष्य केवल ट्रॉफी जीतना है और इसके लिए काफी रणनीतियां बनाई गई हैं। वह चाहते हैं कि टीम परिस्थितियों को समझकर ‘स्मार्ट क्रिकेट’ खेले। पराग ने अपने गेंदबाजों की भी जमकर तारीफ की। जोफ्रा आर्चर और नांद्रे बर्गर अपनी गति से कहर ढा रहे थे, जबकि संदीप शर्मा और रवींद्र जडेजा (जड्डू भैया) ने गुवाहाटी की पिच का पूरा फायदा उठाया। युवा बृजेश के प्रदर्शन को भी उन्होंने शानदार बताया।

युवा वैभव के बारे में पराग ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि वैभव को मीडिया की बातों से दूर रहने की सलाह दी गई है। शुरुआत के चार ओवरों में वैभव की तूफानी बल्लेबाजी देखकर डगआउट में बैठे पराग और ध्रुव जुरेल पूरी तरह हैरान रह गए थे। टीम के बल्लेबाजी क्रम को लेकर भी पराग ने स्थिति साफ कर दी कि ध्रुव नंबर तीन पर और हेटमायर नंबर पांच पर ही खेलेंगे।

अपने जन्मदिन के मौके पर इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद वैभव ने बड़ी सादगी से अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि चेहरे पर केक लगने से बचने के लिए वह जश्न मनाने के बजाय जल्दी सो गए थे। अपनी बल्लेबाजी की रणनीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि शुरुआत में पिच थोड़ी मुश्किल थी, लेकिन गेंद पुरानी होने के बाद बल्ले पर अच्छी तरह आने लगी। उनका पूरा ध्यान पावरप्ले में खेल पर नियंत्रण बनाने पर था, जो छोटे लक्ष्य का पीछा करते समय बेहद जरूरी होता है।

आंकड़ों के नजरिए से ऐतिहासिक रात

यह मैच आंकड़ों के पन्नों में भी राजस्थान के लिए एक सुनहरी याद बन गया। 47 गेंदें शेष रहते हुए मिली यह जीत, राजस्थान रॉयल्स के आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी जीत है। वहीं, गेंदों के हिसाब से यह चेन्नई की (पिछले साल चेपॉक में केकेआर के खिलाफ 59 गेंदें शेष रहते मिली हार के बाद) दूसरी सबसे बड़ी हार है। राजस्थान ने 128 रनों का लक्ष्य महज 12.1 ओवर में हासिल कर लिया। आईपीएल इतिहास में 120 से अधिक रनों का पीछा करते हुए यह चौथा सबसे तेज प्रदर्शन है। इससे पहले केवल हैदराबाद (9.4 ओवर), पंजाब (11.1 ओवर) और डेक्कन चार्जर्स (12.0 ओवर) ने ही इससे कम ओवरों में ऐसा कारनामा किया है।